काशी में कोरोना वैक्सीन लगवाने पहुंचे 125 वर्ष के बुजुर्ग, को देख चौक गए लोग l

 


वाराणसी- देशभर में कोरोना जैसी महामारी के रोकथाम के लिए शहर से लेकर गांव तक जगह जगह सरकारी अस्पतालों में वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर वैक्सीन लगाने की मुहिम निरंतर सरकार द्वारा चलाई जा रही है l सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस मुहिम में बुजुर्गों को खासतौर पर वैक्सीन लगाई जा रही है और उन्हें कोरोना वायरस जैसे गंभीर महामारी से बचाए जाने की लगातार प्रयास किया जा रहा हैैैैैै l 

गौरतलब है कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस मुहिम में बुजुर्ग भी सरकार के साथ कदम से कदम मिलाते हुए भारी संख्या में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और वैक्सीन की सभी डोज समयानुसार लेकर करोना संक्रमण जैसे गंभीर वायरस को मात दें रहे हैं l 

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी कुछ ऐसा देखने को मिला जहां वैक्सीन सेंटर पर उस समय सभी लोग दंग रह गए जब 125 वर्ष के एक बुजुर्ग खुद से ही चलकर वैक्सीन लगवाने वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए l


आधार कार्ड से मिली जानकारी:- वैक्सीनेशन सेंटर पर आधार कार्ड से मिली जानकारी के अनुसार स्वामी शिवानंद नाम के बुजुर्ग का जन्म 8 अगस्त 1996 में हुआ है और इस वक्त वाराणसी के भेलपुर कबीर नगर कॉलोनी में वे स्थाई रूप से रहते हैं l


रजिस्ट्रेशन कर लगाया गया पहली डोज:- आपको बता दें कि वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खुद से चलकर आए 125 साल के शिवानंद को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा आधार कार्ड के अनुसार रजिस्ट्रेशन कर उन्हें कोविडशिल्ड की पहली डोज लगाई गई l 


अपने स्वभाव से जाने जाते हैं शिवानंद:- सूत्रों से मिली जानकारी से पता चलता है कि शिवानंद हमेशा से ही काशी के लोगों के बीच चर्चा के विषय बने रहते हैं l क्योंकि 125 वर्ष के उम्र में भी वे आज भी एक्टिव रहते हैं,और बिना किसी मदद के वे अपने सभी कामकाज को स्वयं करते हैं l स्थाई लोगों का कहना है कि शिवानंद की दिनचर्या का मुकाबला कोई जवान व्यक्ति नहीं कर सकता है l बांग्लादेश के श्री हट में जन्मे शिवानंद हर दिन सुबह 3:00 बजे उठते हैं और अपने सभी कामकाज को पूरा कर गंगा में स्नान कर निरंतर योग करते हैं l


फिट रहने की वजह है सादा भोजन:- शिवानंद के अनुसार यह बिल्कुल सादा भोजन करते हैं और तेल मसालों से अपने आप को कोसों दूर रखते हैं l उन्होंने बताया कि वह ज्यादातर उबली सब्जियों के साथ दलिया खाना पसंद करते हैं l उन्होंने बताया कि उनका जन्म बेहद ही गरीब परिवार में हुआ था और उनके माता-पिता की मौत भी भूख के कारण हि हुई थी l जिससे वे काफी दुखी हुए थे और तब से लेकर आज तक वह आधा पेट ही भोजन करते आ रहे हैं l





Comments

  1. This is good information about healthy life and got to know the importance of simple food. Nice Article

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